Saraikela (संजीव मेहता(:



रेलवे का बड़ा ऐलान, अब शराब पीकर ड्यूटी करने वालों की होगी जांच; पकड़े गए तो होगी कार्रवा
* चक्रधरपुर रेल मंडल में 23 अक्टूबर से 6 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक जांच पर रहेगा विशेष जोर
Saraikela :
रेलवे में ड्यूटी के दौरान शराब पीने वाले कर्मचारियों पर अब सख्ती बरती जाएगी..ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चक्रधरपुर रेल मंडल में 15 दिवसीय विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है. रेलवे बोर्ड के निर्देश पर यह अभियान 23 अक्टूबर से 6 नवंबर तक चलेगा. इसका उद्देश्य ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सतर्कता सुनिश्चित करना और नशे की हालत में काम करने से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है.
* रेलवे फाटक के गेटमैन पर रहेगी खास नजर-
अभियान के दौरान रेलवे फाटकों पर तैनात गेटमैन की विशेष रूप से जांच की जाएगी. इसके अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी. रेलवे के इंजीनियरिंग, परिचालन और संरक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी औचक निरीक्षण करेंगे./
* ब्रीथ एनालाइजर से होगी जांच-
शराब पीकर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की पहचान के लिए रेलवे की लॉबी में उपलब्ध पोर्टेबल ब्रीथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया जाएगा. अधिकारियों को विशेष रूप से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच जांच करने का निर्देश दिया गया है. इस दौरान रेलवे फाटकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर्मचारियों की सतर्कता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
* नशे में मिले सहकर्मी तो अधिकारियों को दें सूचना-
रेलवे अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को शराब पीने के आदी कर्मचारियों की पहचान कर उन पर निगरानी रखने को कहा गया है. साथ ही कर्मचारियों को जागरूक किया जाएगा कि यदि कोई सहकर्मी ड्यूटी के दौरान नशे में मिलता है, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देना उनकी जिम्मेदारी है.
* हर दिन की जांच का देना होगा ब्योरा-
विशेष अभियान के दौरान प्रतिदिन की गई जांच और उससे संबंधित अपडेट दर्ज करना अनिवार्य होगा. इसके लिए गूगल शीट पर कार्रवाई का ब्योरा तैयार किया जाएगा. अभियान समाप्त होने के बाद जांच में सामने आई खामियों और की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 7 नवंबर तक मुख्यालय भेजनी होगी.
* सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है उद्देश्य-
रेलवे का यह अभियान ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सतर्कता बनाए रखने और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. खासकर रेलवे फाटकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी को देखते हुए औचक जांच पर जोर दिया जा रहा है. अभियान के दौरान सामने आने वाली गड़बड़ियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.




