Saraikela (संजीव मेहता):
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग अब निजी स्कूलों की मनमानियां और खामियां पर करेगी सख्त कार्रवाई, अब सरकार का भी हंटर चलेग



Saraikela :
झारखंड के निजी स्कूलों में बच्चों के शैक्षिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से राज्य में मिली गंभीर शिकायतों की सूची भेजे जाने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का तुरंत निबटारा कर विभाग को रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को मिली शिकायतों में स्कूलों की कई मनमानियां और खामियां सामने आई हैं, जिन पर अब सरकार का हंटर चलेगा.
* इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
1. बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी होना.
2. फीस को लेकर बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करना और शुल्क जमा नहीं करने पर परीक्षा से वंचित करना.
3. स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) और अंकपत्र (Report Card) रोकने के मामले.
4. बच्चों को शारीरिक दंड (Physical Punishment) देना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना.
5. शिक्षकों की योग्यता, मध्याह्न भोजन (Mid Day Meal) और छात्र-शिक्षक अनुपात में गड़बड़ी.
6. विद्यालयों की मान्यता, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) तथा अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन नहीं होना.
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