Saraikela (संजीव मेहता(: संभावित खराब मौसम को लेकर उपायुक्त ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक, सभी संबंधित पदाधिकारियों को सतर्कता एवं आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश

Sanjeev mehta
5 Min Read

Saraikela (संजीव मेहता(:

Advertisements
Advertisements
Advertisements

संभावित खराब मौसम को लेकर उपायुक्त ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक, सभी संबंधित पदाधिकारियों को सतर्कता एवं आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने का निर्दे

* नदी, तालाब एवं जलाशयों के आसपास नियमित निगरानी, खतरनाक स्थलों पर लोगों की आवाजाही रोकने, जर्जर मकानों में रह रहे लोगों की सुरक्षा तथा आम नागरिकों को मौसम संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के दिए गए निर्देश

Saraikela :

बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से 27 से 30 अक्टूबर, 2026 तक जिले में तेज हवा, गर्जन-वज्रपात एवं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगियारी, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई. बैठक में संभावित प्रतिकूल मौसम के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा, जलजमाव की स्थिति से निपटने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों, विद्युत प्रमंडल के पदाधिकारियों सहित अन्य सभी संबंधित पदाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा स्थानीय स्तर पर आम नागरिकों को संभावित जोखिमों एवं सुरक्षा संबंधी सावधानियों से अवगत कराएं. नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को शहरी तथा निचले क्षेत्रों में जलजमाव की आशंका को देखते हुए नालियों की सफाई एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सड़कों पर रखी निर्माण सामग्री एवं अन्य अवरोधक वस्तुओं को हटाने को कहा गया, ताकि वर्षा के दौरान आवागमन बाधित न हो तथा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके. जर्जर एवं असुरक्षित मकानों में रह रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया. जिले के नदी, तालाब एवं अन्य जलाशयों में संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों को ऐसे स्थलों पर नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. स्थानीय स्तर पर माइकिंग एवं अन्य प्रचार माध्यमों से लोगों को नदी, तालाब एवं जलाशयों में स्नान करने, पानी में उतरने अथवा अन्य कार्यों से वहां जाने से बचने के लिए जागरूक करने को कहा गया. विशेष रूप से संवेदनशील एवं संभावित खतरे वाले स्थलों पर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. डैम एवं अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम उठाने तथा संभावित जोखिम के दौरान लोगों की आवाजाही एवं गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया. स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं उपस्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया. एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करने को भी कहा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को माइकिंग एवं अन्य प्रचार माध्यमों से आम नागरिकों के बीच सुरक्षा संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. आम नागरिकों से अपील की गई है कि संभावित खराब मौसम के दौरान अनावश्यक आवागमन से बचें तथा मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें. गर्जन-वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों एवं विद्युत तारों के समीप खड़े न हों और किसी सुरक्षित पक्के भवन में आश्रय लें। तेज हवा के दौरान पुराने पेड़ों, कमजोर संरचनाओं एवं असुरक्षित होर्डिंग के आसपास न रहें. उपायुक्त के द्वारा नागरिकों से विशेष रूप से अपील की गई है कि नदी, तालाब, डैम एवं अन्य जलाशयों में स्नान करने या पानी में उतरने से बचें तथा जलस्तर बढ़ने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहें. टूटे हुए बिजली के तारों एवं गिरे हुए खंभों को न छुएं और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें. किसी भी आपात स्थिति, जलजमाव अथवा विद्युत दुर्घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग को दें.

Share This Article