झारखंड के एक आईपीएस की दबंगई की चर्चा, आम रास्ता रोकने और केस में फंसाने की दी धमकी देने का मामला पहुंचा मुख्यमंत्री त
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Saraikela (संजीव मेहता):
झारखंड के एक आईपीएस की दबंगई की चर्चा राजधानी की सुर्खियों में है. आईपीएस पर आम रास्ता रोकने और केस में फंसाने की दी धमकी देने का आरोप लगाया गया है. यह मामला मुख्यमंत्री (सीएमओ) तक पहुंचा है. मामला रांची के अशोक नगर की है. जहां एक आम रास्ते को लेकर उठा विवाद अब मुख्यमंत्री ऑफिस तक पहुंच गया है. अशोक नगर रोड नंबर-1 निवासी पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी के खिलाफ मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत देकर उनपर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में आम रास्ते के इस्तेमाल से रोकने, गेट बंद कराने, धमकी देने और परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और परिवारों की सुरक्षा की मांग की है. शिकायत में कहा गया है कि संबंधित परिवार करीब पांच दशक से उक्त जमीन पर रह रहे हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता और चाचाओं ने जमीन पर अपने-अपने मकान बनाए हैं. उनका दावा है कि स्वीकृत भवन नक्शे और अन्य दस्तावेजों में अशोक नगर सोसाइटी की ओर से करीब 40 फीट का पहुंच मार्ग दर्ज है. इसी रास्ते से पांच परिवार लंबे समय से अपने घरों तक आते-जाते रहे हैं.
मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि IPS अधिकारी के संबंधित परिसर के बगल में रहने के बाद से परिवारों को रास्ते के इस्तेमाल को लेकर कथित रूप से दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका गेट बंद कराने और अशोक नगर की ओर से आने-जाने वाले रास्ते को रोकने की कोशिश की जा रही है. इतना ही नहीं, शिकायत में परिवार के सदस्यों और बच्चों को भी कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मौकों पर बॉडीगार्ड के जरिए परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया और गोली मारने तक की कथित धमकी दी गई.







