कोल्हान के लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है—धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का सपना आखिर कब होगा साकार 



सब हेड : धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का दायरा बढ़ा, 240 से सीधे 540 एकड़ हुई जमीन; अब केंद्र की मंजूरी का इंतजार
फोटो है
Saraikela (संजीव मेहता):
कोल्हान में हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर तेज हो गई है. लंबे समय से प्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को लेकर गतिविधियां बढ़ी हैं. यात्रियों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 240 एकड़ से बढ़ाकर 540 एकड़ करने की योजना सामने आई है. इससे परियोजना का दायरा पहले के मुकाबले काफी बड़ा हो गया है..अगर परियोजना को सभी जरूरी मंजूरियां मिल जाती हैं, तो आने वाले समय में जमशेदपुर, घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हवाई संपर्क का नया विकल्प मिल सकता है.
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए नगर विमानन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और रांची एयरपोर्ट के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित 540 एकड़ जमीन का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान जमीन की स्थिति और एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी आवश्यकताओं का जायजा लिया गया. अब परियोजना के तकनीकी और अन्य पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया जारी है..राज्य के नगर विमानन विभाग ने AAI, वन एवं पर्यावरण विभाग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाया है.
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केंद्र की ओर से पूछे गए 19 बिंदुओं पर राज्य सरकार ने जवाब और जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भेजने की जानकारी दी है. वन भूमि और गैर-वन भूमि के सीमांकन की प्रक्रिया भी पूरी किए जाने की बात कही गई है. हालांकि, परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी, पर्यावरणीय और केंद्रीय मंजूरियां अभी अहम हैं.
धालभूमगढ़ क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए एयरपोर्ट परियोजना के पर्यावरणीय पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
हाथी कॉरिडोर का नए सिरे से वैज्ञानिक सर्वे कराने की तैयारी है. इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा और केंद्रीय पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना तैयार करना है.
540 एकड़ जमीन का प्रस्तावित विस्तार और अधिकारियों का संयुक्त निरीक्षण परियोजना की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम हैं. लेकिन एयरपोर्ट निर्माण कब शुरू होगा और यहां से हवाई सेवा कब चालू होगी, यह जरूरी मंजूरियां मिलने और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा.




