लता मंगेशकर के जन्मदिन पर परिमल ने दी सुरों भरी श्रद्धांजलि

लता मंगेशकर के जन्मदिन पर परिमल ने दी सुरों भरी श्रद्धांजलि

Sanjeev mehta
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लता मंगेशकर के जन्मदिन पर परिमल ने दी सुरों भरी श्रद्धांजल

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फोटो है
Saraikela (संजीव मेहता):

महान पार्श्व गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर के जन्मदिन के अवसर पर सांस्कृतिक संस्था परिमल की ओर से उन्हें गीतों से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में परिमल के कलाकारों ने लता मंगेशकर के लोकप्रिय फिल्मी गीतों की प्रस्तुति देकर संगीतप्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया.
कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लता मंगेशकर भारतीय संगीत जगत की ऐसी महान गायिका थीं, जिनकी आवाज और गायकी का जादू भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के संगीतप्रेमियों पर रहा। उनके गीत कई पीढ़ियों के लिए आज भी प्रेरणा और भावनाओं का स्रोत हैं. कार्यक्रम में सरायकेला बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष ओम प्रकाश, सामाजिक कार्यकर्ता शारदा देवी, वार्ड पार्षद नीतू शर्मा, सुबोध शरण, सुरेश धारी, शान्तु दा, लक्ष्मण प्रसाद, स्मिता श्रीवास्तव, अशोक कुमार, दिनेश गुप्ता और नीलांबर चौधरी विश्वजीत मजूमदार सहित कई लोग उपस्थित रहे. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत से ही माहौल लता मंगेशकर के सदाबहार गीतों से गूंज उठा. नीतू शर्मा ने “रहें न रहें हम…” प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। स्मिता श्रीवास्तव ने “नैना बरसे रिमझिम रिमझिम…” गीत प्रस्तुत किया. इसके बाद नीलांबर चौधरी और स्मिता श्रीवास्तव ने युगल गीत “तेरी बिंदिया रे…” की शानदार प्रस्तुति दी। सुबोध शरण ने “हम तेरे प्यार में सारा आलम…” गीत सुनाया, जबकि शान्तु दा ने “अकेले ही अकेले चला है कहाँ…” की प्रस्तुति से समां बांध दिया. इसके अलावा परिमल के कलाकारों ने लता मंगेशकर के दर्जनों लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। एक के बाद एक सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को संगीत की यादों से भर दिया.
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि लता मंगेशकर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनके गीत और उनकी संगीत विरासत हमेशा जीवित रहेगी। परिमल की यह संगीतमय श्रद्धांजलि लता मंगेशकर के अमर संगीत को याद करने का एक भावपूर्ण प्रयास रही.

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