वृद्ध शांति निकेतन का 26वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनी, 2 याद किए गए गांधी-शास्त्री, महासचिव ने व्यक्त किया निकेतन के सदस्यों का बिछुड़ने का दर्




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Saraikela (संजीव मेहता):
आदित्यपुर 2 मार्ग संख्या 10 स्थित वृद्ध शांति निकेतन का 26वीं वर्ष गांठ आज धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष चंद्रमा पांडेय ने की. महासचिव निहार रंजन होर ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेयर संजय सरदार, विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र सिंह मौजूद रहे. अन्य सम्मानित अतिथियों में कांग्रेस नेता दिवाकर झा, पूर्व थानाध्यक्ष वीरेंद्र पासवान, जगदीश नारायण चौबे आदि मौजूद रहे. कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महापुरुषों गांधी-शास्त्री के तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुआ. ततपश्चात सभी आगंतुकों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया. अध्यक्षता भाषण और स्वागत भाषण अध्यक्ष चन्द्रमा पांडेय ने किया. महासचिव निहार रंजन होर ने कहा कि निकेतन के सदस्य जो गुजर गए हैं, उनके बिना निकेतन में उदासी छाई रहती है. निकेतन की विशिष्टता यह है कि यहां अनुशासन और समय पालन का विशेष ध्यान रखा जाता है. हमारे कई सदस्य अपने बच्चों के वजह से स्थानांतरित हो रहे हैं जिससे अब खालीपन महसूस होता है. सदस्य 195 हैं लेकिन रेग्युलर रूप से 20-30 लोग ही आते हैं. यह दुखद है. उन्होंने नए सदस्यों को आगे आकर निकेतन का कार्यभार संभालने का आहवान किया. निकेतन किसी जाति, धर्म, राजनीति और क्षेत्र का नहीं है यहां सभी सदस्यों का मान बराबर है. अंत में उन्होंने निकेतन के कार्यकलापों की बातें सदस्यों को बताया. कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र प्रसाद ने किया. मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा मैं वृद्धजनों रूपी अभिवावक के कार्यक्रम में शामिल हुए हूँ ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है. मैं आदित्यपुर की जनता के लिए काम कर रहा हूँ जो कुछ दिनों में धरातल पर दिखेगा. आज दो महापुरुषों गांधी-शास्त्री की जयंती है उन्हें भी हृदय से नमन करता हूँ और उनकी जीवनी को अनुशरण के एक अच्छा व्यक्ति बनने का प्रयास करूंगा. उन्होंने हर माह आर्थोक सहयोग के रूप में 20 हजार रुपए देने का एलान भी किया. विशिष्ट अतिथि शैलेंद्र सिंह ने कहा निकेतन में हमारे सभी अभिभावक हैं जिनको मैं हृदय से प्रणाम करता हूँ. आज देश के दो महापुरुष गांधी-शास्त्री जी की जयंती भी है जिनको मैं नमन करता हूं. एक हमारे बापू तो दूसरे सादगी जीवन के प्रतिमूर्ति थे. राजनीति का मतलब सामाजिक जीवन होनी चाहिए न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए. इस मौके पर विशेष योगदान करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया गया., जिनमें पूर्व अध्यक्ष जगदीश मंडल, महासचिव निहार रंजन होर, दुख हरण पंडित, एस आर गोश्वामी, पीके बग्ग्घल, आरसी रमानी शामिल थे. इसके अलावा विशेष योगदान देने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया. जिनमें महेंद्र मिश्रा, के एन झा, राजेंद्र प्रसाद, कोषाध्यक्ष बिक्रम केशरी कुमार, सुदामा प्रसाद गुप्ता, के पी रस्तोगी, रुप नारायन चौधरी, बालाकान्त झा आदि शामिल रहे.
निकेतन की जानकारी देते हुए महामंत्री निहार रंजन होर ने बताया कि वर्ष 2000 में इस निकेतन की नींव रखी गई थी. जिसकी स्थापना शहर के वृद्धजनों के सामाजिक, साहित्यिक एवं मनोरंजन के साथ दुख सुख आपस मे बांटने के लिए हुआ था. मार्ग संख्या 10 में कार्यालय का उद्घाटन आरएसबी ग्रुप के संस्थापक डॉ बी बेहरा ने 13 जुलाई वर्ष 2010 में किया था. आज वर्तमान में निकेतन के करीब 195 सक्रिय सदस्य हैं. निकेतन के द्वारा सालोंभर कुछ न कुछ कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, मिलन समारोह आदि आयोजित होते रहते हैं. आज स्थापना दिवस के मौके पर बापू मोहनदास करमचंद गांधी और जय जवान जय किसान का नारा देनेवाले प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया गया. साथ ही वृद्धों के बीच एक प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया.
कार्यक्रम में अध्यक्ष चंद्रमा पांडेय, महासचिव निहार रंजन होर, जगदीश मंडल, अरविंद सिंह, दुख हरण पंडित, एस आर गोश्वामी, पीके बग्ग्घल, आरसी रमानी, महेंद्र मिश्रा, के एन झा, राजेंद्र प्रसाद, बिक्रम केशरी कुमार, सुदामा प्रसाद गुप्ता, के पी रस्तोगी, रुप नारायन चौधरी, बालाकान्त झा आदि का सराहनीय योगदान रहा.




