Saraikela (संजीव मेहता) :



गम्हरिया थाना में फरियादी महिला से एक सिपाही द्वारा दुष्कर्म किए जाने के आरोप के मामले पर एसपी का कड़ा एक्शन, थाना प्रभारी और आरोपी सिपाही समेत 4 पुलिसकर्मियों को किया सस्पें
Saraikela :
गम्हरिया थाने में फरियादी महिला से दुष्कर्म की घटना के मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने तत्काल कार्रवाई की है. उन्होंने थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया है. वहीं, आरोपित सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. जांच टीम ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, महिला की शिकायत और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है. वहीं इस घटना को लेकर विपक्षी दल पूरे राज्य में आंदोलन करने और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए घेरने की बातें कही है. विपक्षी नेताओं ने मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए पूरे राज्य में आंदोलन करने की चेतावनी दी है. विपक्ष का कहना है कि जब थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाली महिला ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा ? विपक्ष की ओर से राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी ने इस मामले को राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बना दिया है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, गम्हरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता गुरुवार को पारिवारिक कलह से परेशान होकर न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंची थी. पीड़िता का आरोप है कि थाने में ड्यूटी पर तैनात आरक्षी (सिपाही) नीरज लकड़ा ने मर्यादा को तार-तार करते हुए थाने के ही एक कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. शुक्रवार देर रात एसडीपीओ दल-बल के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल वाले कमरे को तत्काल सील कर सुरक्षित करवा दिया. कार्रवाई के तहत थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू, अनिरुद्ध सिंह और आरक्षी संतोष राय को लापरवाही व कर्तव्यहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए गहन अनुसंधान जारी है और मामले में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.




