Saraikela (संजीव मेहता): अब शिक्षक भी जाएंगे दूसरे राज्यों के भ्रमण पर, झारखंड में शुरू होगी ‘उड़ान’ योजना, जानिए चयन के नियम

Sanjeev mehta
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Saraikela (संजीव मेहता):

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अब शिक्षक भी जाएंगे दूसरे राज्यों के भ्रमण पर, झारखंड में शुरू होगी ‘उड़ान’ योजना, जानिए चयन के निय

Saraikela :

झारखंड में अब विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी दूसरे राज्यों के शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे. इसके लिए राज्य सरकार इसी वित्तीय वर्ष से ‘उड़ान’ (यूनिफाइड डेवलपमेंट थ्रू एकेडमिक एडवांसमेंट एंड नेशनल एक्सपोजर) योजना शुरू करने जा रही है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से पांच वर्षों के लिए तैयार इस योजना को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभागीय मंत्री के रूप में स्वीकृति प्रदान कर दी है. अब योजना पर प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी.

* पांच वर्षों में 14.91 करोड़ रुपये होंगे खर्च-

प्रस्तावित योजना के तहत पांच वर्षों में 8,400 विद्यार्थियों और 11,220 शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. इस पर कुल 14.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. प्रत्येक वर्ष 1,680 विद्यार्थियों को भ्रमण का अवसर मिलेगा. शिक्षकों का चयन भी निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को कक्षा से बाहर सीखने, दूसरे राज्यों की शैक्षणिक व्यवस्था को समझने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर देना है.

* कक्षा के अनुसार तय होगा शैक्षणिक भ्रमण-

योजना के तहत विद्यार्थियों के भ्रमण का दायरा उनकी कक्षा के अनुसार निर्धारित किया जाएगा. कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को जिला स्तरीय शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा. कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को अंतर जिला और कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिलेगा. वहीं, शिक्षकों को दूसरे राज्यों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने का प्रस्ताव है.

* उपस्थिति और प्रदर्शन के आधार पर होगा चयन-

योजना में विद्यार्थियों और शिक्षकों का चयन विभिन्न शैक्षणिक मानकों के आधार पर किया जाएगा. विद्यार्थियों के चयन में नियमित उपस्थिति, रेगुलर असेसमेंट फॉर इंप्रूव्ड लर्निंग (रेल) में सहभागिता, शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी और अकादमिक प्रदर्शन को महत्व दिया जाएगा. वहीं, शिक्षकों के चयन में उपस्थिति, टीचर नीड असेसमेंट में सहभागिता एवं प्रदर्शन, सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का सफल समापन तथा शैक्षणिक प्रदर्शन और शिक्षा संकेतकों में सुधार में योगदान जैसे मानक शामिल होंगे.

* 50 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी अनिवार्य-

योजना के तहत चयन में सभी जिलों, जेंडर और विभिन्न श्रेणियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा. विद्यार्थियों के भ्रमण में 50 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी अनिवार्य रखी गई है. इसका उद्देश्य छात्राओं को भी समान रूप से शैक्षणिक अनुभव और सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है.

* भ्रमण से लौटकर साझा करेंगे अनुभव-

शैक्षणिक भ्रमण पूरा करने के बाद विद्यार्थी अपने अनुभव अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे. इसी तरह भ्रमण से लौटने वाले शिक्षक दूसरे शिक्षकों के साथ अपने अनुभव और सीख साझा करेंगे. इससे विद्यालयों में नई शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने और शिक्षण प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद है.

* हर वर्ष इनको मिलेगा भ्रमण का अवसर-

– कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी : 960
– कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थी : 360
– कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थी : 360
– शिक्षक : 360
– एस्कॉर्ट शिक्षक : 168
– समूह पर्यवेक्षक : 36

* योजना का उद्देश्य-

‘उड़ान’ योजना का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को व्यवस्थित शैक्षिक अनुभव उपलब्ध कराना है. दूसरे राज्यों की शैक्षणिक व्यवस्था को समझने, नए अनुभव प्राप्त करने और उन अनुभवों को अपने विद्यालयों में साझा करने से सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की उम्मीद है. फिलहाल योजना को प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति मिलना बाकी है.

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